AIIMS Bilaspur: पांच साल में सेवाएं देने के लिए बिलासपुर एम्स तैयार, 247 एकड़ में बने अस्पताल में 750 बिस्तर

AIIMS Bilaspur: पांच साल में सेवाएं देने के लिए बिलासपुर एम्स तैयार, 247 एकड़ में बने अस्पताल में 750 बिस्तर

AIIMS Bilaspur: पांच साल में सेवाएं देने के लिए बिलासपुर एम्स तैयार, 247 एकड़ में बने अस्पताल में 750 बिस्तर
Image Credit: Social Media
हिमाचल प्रदेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर(एम्स) का लोकापर्ण पूरे पांच साल दो दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  करेंगे। इसके बाद मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। एम्स का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी ने तीन अक्तूबर 2017 को लुहणू मैदान से किया था। करीब 1,500 करोड़ की लागत से एम्स को 247 एकड़ (99.96 हेक्टेयर) भूमि में स्थापित किया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ा संस्थान बिलासपुर की धरती पर तैयार खड़ा है। एम्स बिलासपुर 750 बिस्तरों वाला अस्पताल होगा। इसमें सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस 15-20 सुपर स्पेशिलिटी विभाग होंगे। शुरू में 150 बेड की ही सुविधा मिलेगी, बाद में इसे बढ़ाया जाएगा। 151 सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, क्लीनिक और नॉन क्लीनिकल विशेषज्ञ देंगे सेवाएं देंगे। इनमें अभी तक 91 क्लीनिक और नॉन क्लीनिकल चिकित्सकों की भर्ती हो चुकी है।

इनमें से 52 चिकित्सक क्लीनिक सेवाएं देंगे। वहीं अन्य नॉन क्लीनिकल होंगे। एम्स में कुल 20 सीनियर रेजिडेंट पद भरे जाने हैं,अभी तक 17  की नियुक्ति हो चुकी है, तीन और की नियुक्ति होनी है। जूनियर रेजिडेंट 32 नियुक्त हो चुके हैं वहीं आठ पद और भरे जाने हैं। एम्स में 191 नर्सिंग ऑफिसर के पद भरे जा चुके हैं। पूरे अस्पताल में 600 पद भरे जाने हैं। वहीं एम्स में अभी तक एडवांस एमआरआई थ्री टेस्ला मशीन की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में अभी तक सिर्फ 1.5  एमआरआई टेस्ला की सुविधा  मिल रही है, लेकिन एम्स में अब मरीजों को एमआरआई की एडवांस सुविधा मिलेगी। एमआरआई इंस्टॉल करने का कार्य अंतिम चरण में हैं। वहीं आधुनिक एक्सरे मशीन, सिटी स्कैन और अन्य आधुनिक उपकरणों से डायग्नोस्टिक सर्विस सेंटर को लैस किया गया है। 

एम्स में मरीजों को डिजिटल रेडियोग्राफी और फ्लोरोस्कोपी की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। डिजिटल रेडियोग्राफी में शरीर के सभी अंगों की रेडियोग्राफी के लिए यह वर्जन उपयुक्त है। इसके अलावा डिजिटल फ्लोरोस्कोपी, डिजिटल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंजियोग्राफी, सटीक डिजिटल स्पॉट इमेजिंग की सुविधाएं इस सिस्टम में मिलेगी।  लोकार्पण के बाद आईपीडी में 150 बेड की सुविधा मिलेगी। इसमें स्पेशल और सुपर स्पेशिलिटी बैड भी होंगे। दो ऑपरेशन थियेटर शुरू किए जाने हैं। पीएम मोदी की ओर से आईपीडी का शुभारंभ करने के एक से डेढ़ माह में किडनी के मरीजों का डायलिसिस शुरू कर दिया जाएगा।  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2017 को एम्स बिलासपुर की आधारशिला रखी। इसके बाद 21 जनवरी 2019 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भूमि पूजन किया। साइट का निर्माण कार्य जून 2019 में शुरू हुआ था।

शैक्षणिक और प्रशासनिक ब्लॉक
शैक्षणिक और प्रशासनिक ब्लॉक के उद्घाटन के बाद यह भवन मेडिकल विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ शैक्षणिक ब्लॉक के रूप में कार्य करेगा। इसमें अच्छी तरह से सुसज्जित लैब, म्यूजियम, सेमिनार कम लाइब्रेरी रूम, डेमोस्ट्रेशन रूम, कार्यालय आदि के साथ एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री के प्री. क्लीनिक विभाग, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी और कम्युनिटी एंड फॅमिली मेडिसिन के पैरा.क्लीनिक विभाग हैं। निकट भविष्य में अत्याधुनिक अनुसंधान उपकरण और सुविधा के साथ एक उन्नत सेंट्रल रिसर्च लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है।

कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज
संस्थान ने अगस्त 2022 से 40 बीएससी नर्सिंग, 10 बीएससी एमएलटी 5 बीएससी डायलिसिस टेक्नोलॉजी और 5 बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी के छात्रों की क्षमता के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किया है। अगले कुछ वर्षों में क्लीनिकल और पैराक्लीनिकल में स्नातकोत्तर (एमडी) एमएस और पीएचडी और डीएम/एमसीएच पाठ्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज मौजूदा नाइट शल्टर में अगस्त 2022 से 40 बीएससी नर्सिंग,10 बीएससी एमएलटी 5 बीएससी डायलिसिस टेक्नोलॉजी और 5 बीएससी, रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी के छात्रों की क्षमता के साथ शुरू किया गया है।

ब्लॉक ए के आईपीडी विभाग में 150 बिस्तर
ब्लॉक बी के दो मंजिलों पर 10 व्यापक और 10 सुपर स्पेशियलिटी की ओपीडी सेवाएं। ब्लॉक सी लैब और रेडियोलॉजी सेवाओं के साथ डायग्नोस्टिक विंग। यहां पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री विभागों की लैब सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। डीआर सिस्टम, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, मैमोग्राफी, फ्लोरोस्कोपी की रेडियोलॉजिकल सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

आयुष ब्लॉक से एक्स रे और अल्ट्रासाउंड काम करता रहेगा। ब्लॉक डी में 10 बेड और 02 ओटी, 02 जनरल ऑपरेशन थिएटर, प्री पोस्ट ऑपरेशन क्षेत्र और 2 प्रसूति और स्त्री रोग ओटी के साथ आपातकालीन क्षेत्र होगा। ब्लॉक . ई में 16 बिस्तरों की आईसीयू सुविधा होगी।
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