हिमाचल विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
Himachal Assembly Elections: कांग्रेस विधायक अनिरूद्ध सिंह ने सीएम पर धमकाने का आरोप लगाया था और कांग्रेस नेताओं पर कई तरह के दबाव डालने की बात कही थी. इसका समर्थन कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भी किया.
Himachal Pradesh: हिमाचल के सियासी गलियारों में एक बार फिर से इन चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है कि अभी भी कांग्रेस के कई ऐसे अंसतुष्ट नेता हैं जो पार्टी छोड़ सकते हैं. कुछ नेता टिकट आबंटन का इंतजार कर रहे हैं, जिनको टिकट नहीं मिलेगी उनमें से कुछ कांग्रेस को झटका दे सकते हैं. इनमें कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से कुछ नेताओं के नाम बताए जा रहे हैं. एक पूर्व मंत्री और विधायक के नाम की चर्चाएं चल रही हैं. खबरें ये भी आ रही हैं कि अगर भाजपा में शामिल नहीं हुए तो आम आदमी पार्टी का दामन थाम सकते हैं.
बता दें कि कांग्रेस विधायक अनिरूद्ध सिंह ने सीएम पर धमकाने का आरोप लगाया था और कांग्रेस नेताओं पर कई तरह के दबाव डालने की बात कही थी. इसका समर्थन कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भी किया. विक्रमादित्य सिंह ने साफ किया कि जिसने जाना है जाए, कांग्रेस अपनी लड़ाई लड़ेगी. कांग्रेस के पास हर क्षेत्र में मजबूत नेता हैं. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से पार्टी चलती है न कि नेताओं से.
कांग्रेस विधायकों के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री सुरेश भारद्वाज ने पलटवार किया है. सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अनिरूद्ध सिंह बौखलाहट में अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं. कांग्रेसी नेता बिना धमकाए खुद ही भाजपा में शामिल हो रहे हैं और पूरे देश में इसी तरह की स्थिति है. केरल में तो पूरी पार्टी ही भाजपा में शामिल हो गई. उन्होंने कहा कि भाजपा और मोदी सरकार की नीतियों और सीएम जय राम के कार्यों से प्रभावित होकर कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं.
कांग्रेस छोड़ रहे नेता
कांग्रेस के दो कार्यकारी अध्यक्ष हाल ही में पार्टी छोड़ चुके हैं. कांगड़ा से पवन काजल और चंबा के हर्ष महाजन ने हाल ही में पार्टी को अलविदा कहकर भाजपा में शामिल हो गए हैं. ऐसे में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं. कांग्रेस टिकट के आवंटन को लेकर मंथन कर रही है और ऐसे में क्यास लगाए जा रहे हैं, कि बहुत से नेता, जिन्हें टिकट नहीं मिलेगा, वह भाजपा का दामन थाम सकते हैं.
