Himachal News: कुफरी में घोड़ों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर एनजीटी सख्त, हिमपात में भी कमी

Himachal News: कुफरी में घोड़ों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर एनजीटी सख्त, हिमपात में भी कमी

Himachal News शिकायतकर्ता ने एनजीटी को बताया कि कुफरी भारत में अंग्रेजों की ओर से अल्पाइन स्कीइंग खेल के लिए विकसित किया जाने वाला पहला स्थान था। देश का पहला शीतकालीन स्पोर्ट्स क्लब यहां बनाया गया था। इसका कारण यह था कि चारों ओर हरे-भरे देवदार के पेड़ थे।
Himachal News: कुफरी में घोड़ों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर एनजीटी सख्त, हिमपात में भी कमी
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने कुफरी में घोड़ों से पर्यावरण को क्षति होने पर संज्ञान लिया है। न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल व न्यायिक सदस्य डा. ए सेंथिल वेल ने संयुक्त कमेटी को दो माह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली के अधिवक्ता शेलेंद्र कुमार यादव ने एनजीटी में याचिका दायर की है कि पर्यटन स्थल कुफरी में घोड़ों की अनियंत्रित आवाजाही से पर्यावरण व वनस्पति को क्षति हो रही है। देवदार के पेड़ों की जड़ें और छोटे पौधे तबाह हो रहे हैं।

नही हो रहा हिमपात

शिकायतकर्ता ने एनजीटी को बताया कि कुफरी भारत में अंग्रेजों की ओर से अल्पाइन स्कीइंग खेल के लिए विकसित किया जाने वाला पहला स्थान था। देश का पहला शीतकालीन स्पोर्ट्स क्लब यहां बनाया गया था। इसका कारण यह था कि चारों ओर हरे-भरे देवदार के पेड़ थे। यहां नवंबर के अंत से फरवरी के अंत तक हिमपात होता था, लेकिन दो साल से कम हुआ है।

एनजीटी ने बनाई संयुक्त कमेटी

याचिका की सुनवाई करते हुए एनजीटी ने डीएफओ शिमला, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन चंडीगढ़, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उपायुक्त की संयुक्त कमेटी बनाई है। कुफरी का निरीक्षण करने के बाद कमेटी मामले की रिपोर्ट दो माह के भीतर एनजीटी को देगी।

700-800 घोड़े होने की दलील

शिकायतकर्ता ने कहा कि आठ से 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 700-800 घोड़े हैं। क्षेत्र में पेड़ों की जड़ें व छोटे पौधे घोड़ों के कारण क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर घोड़ों की लीद देखी जा सकती है। घोड़ों के मालिकों ने मशीन लगाकर चायल-कुफरी सड़क क्षतिग्रस्त की है। इससे क्षेत्र में जंगल व पारिस्थितिकीय संतुलन बिगड़ा रहा है। इस कारण कुफरी में दो साल से कम हिमपात हो रहा है और क्षेत्र में जलस्रोत सूख रहे हैं।

25 मई को होगी सुनवाई

एनजीटी में मामले में सुनवाई अब 25 मई को तय की है। उस दिन संयुक्त कमेटी की रिपोर्ट एनजीटी के समक्ष रखी जाएगी। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया है।
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