Satish Kaushik News Live: सबको रुलाकर पंचतत्व में विलीन हुए सतीश कौशिक, अंतिम संस्कार में भावुक हुए लोग
Satish Kaushik Death : ‘कैलेंडर’ बन दिलों में उतर गया था करोल बाग का बेटा
सतीश कौशिक को दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज और एनएससडी से निकलने के बाद 1987 में आई फिल्म मिस्टर इंडिया से उन्हें बड़ी पहचान मिली। कैलेंडर के रूप में उनका किरदार घर-घर तक मुस्कान बिखेर गया था।
अभिनेता-निर्देशक सतीश कौशिक (Satish Kaushik) का बुधवार रात दिल्ली में निधन हो गया। वे यहां होली के कार्यक्रम में शामिल आए थे। दिल्ली के करोलबाग वाले उन्हें आज भी अपना बेटा, भाई और एक मिलनसार व्यक्ति के रूप में याद करते हैं। वे होली मनाने दिल्ली जरूर आते थे। किरोड़ीमल कॉलेज और एनएससडी से निकलने के बाद 1987 में आई फिल्म मिस्टर इंडिया से उन्हें बड़ी पहचान मिली। कैलेंडर के रूप में उनका किरदार घर-घर तक मुस्कान बिखेर गया था।
स्वागत की तैयारी शोक में तब्दील हुई
सिने और थिएटर के अदाकार के साथ एक सुलझे, आत्मीय और सभी को बराबरी का दर्जा देने वाले हरदिल अजीज कलाकार सतीश कौशिक के निधन से चारों ओर गम का माहौल है। उनके पूर्व शैक्षणिक संस्थान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में उदासी छाई है, किरोड़ीमल कॉलेज में 8 अप्रैल को उनके स्वागत की तैयारी चल रही थी, जो अब शोक में तब्दील हो गई। इसको लेकर छात्र काफी भावुक हैं।
दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में 1972 में दाखिला लेने वाले सतीश कौशिक ने 1975 में पढ़ाई पूरी की, लेकिन इस कॉलेज से उनका जुड़ाव मरते दम तक था। 8 अप्रैल को वह इसमें पूर्व छात्रों के सम्मेलन में आने वाले थे और जब भी उन्हें मौका मिलता था तो वह अपने कॉलेज जाते रहते थे। कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. दिनेश खट्टर बताते हैं कि 8 अप्रैल को आयोजित होने वाला पूर्व छात्र मिलन कार्यक्रम सतीश कौशिक को समर्पित रहेगा।
कॉलेज में अंग्रेजी के शिक्षक व अमिताभ बच्चन के गुरु फ्रैंक ठाकुरदास के नाम पर यहां बने सभागार की स्थिति बहुत खराब है। प्रिंसिपल दिनेश खट्टर कहते हैं कि वह इस सभागार के पुनर्निमाण के लिए हमेशा प्रयासरत रहे। उधर, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के कार्यकारी निदेशक प्रो. रमेश चंद गौड़ ने कहा, ‘हमने एक बेहतरीन अभिनेता व इंसान खोया है। 1978 में उन्होंने अभिनय में विशेषज्ञता के साथ एनएसडी से स्नातक किया।
बेटी ने मार्मिक ट्वीट किया सतीश कौशिक की दस वर्षीय बेटी वंशिका ने इंस्टाग्राम पर एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की है। इसमें दोनों ने एक-दूसरे को गले लगा रखा है। ये देख फैंस की आंखें नम हो गई है और सतीश कौशिक को श्रद्धांजलि दी।
देर रात क्या हुआ
सतीश कौशिक के मैनेजर संतोष राय के मुताबिक वे बुधवार रात 10.30 पर सोने गए थे। रात 12.10 पर उन्होंने मुझे कॉल किया कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। मैं ही उन्हें हॉस्पिटल लेकर गया था।
मामले में दिल्ली पुलिस भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि सतीश के निधन की खबर अस्पताल से मिली थी। अंतिम वक्त उनके साथ-साथ कौन था, इसकी जांच की जा रही है।
दिल्ली में पोस्टमॉर्टम, मुंबई में अंतिम संस्कार
दिल्ली के डीडीयू अस्पताल में गुरुवार को 66 वर्षीय सतीश कौशिक का पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट में उनका निधन की वजह कार्डियक अरेस्ट होने से सामने आई है। इस स्थिति में दिल काम करना बंद कर देता है। उधर, रात 830 बजे मुंबई में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उमड़े।
800 रुपये लेकर मुंबई पहुंचे थे कौशिक
अभिनेता बनने के सपने को सच करने के लिए करोल बाग से मुंबई की ओर रुख किया। उस समय उनकी जेब में सिर्फ 800 रुपये थे। मेहनत से उन्होंने खूब नाम कमाया और 800 रुपये को करोड़ों में तब्दील कर दिया। वहीं, उनके चचेरे भाई सुभाष कौशिक ने बताया कि सतीश हर साल हरियाणा में अपने पैतृक गांव जाते थे। वह यहां ऊंट गाड़ी पर बैठकर काफी खुश होते थे।