Himachal Weather: हिमाचल में फिर संकट, दिल्ली पर भी जोखिम, भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
Himachal Pradesh Weather Forecast: हिमाचल प्रदेश में एकबार फिर भारी बारिश से हालात बिगड़ने की चेतावनी जारी कर दी गई है। मौसम विभाग ने हिमाचल के कई हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। कुल्लू जिले में सोमवार को तड़के बादल फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए। मौसम विभाग का कहना है कि हिमाचल के लोगों को भारी बारिश से अभी राहत नहीं मिलने वाली है। सूबे में भारी बारिश से हालात खराब हो सकते हैं। IMD की मानें तो सूबे में दो दिनों तक मौसम खराब रहेगा। मौसम विभाग ने सूबे में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सनद रहे सूबे में लोग बारिश के कारण 24 जून से ही बिजली कटौती, जल संकट, कनेक्टिविटी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उत्तर पश्चिम भारत में लगातार हो रही भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। सूबे में बारिश और भूस्खलन जैसे हादसों में 117 लोगों की मौत हुई है। सूबे में अभी भी 12 लोग लापता हैं जबकि 121 घायल हुए हैं। भारी बारिश के कारण सूबे में 1,008 गौशालाएं और 481 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा 3,863 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सूबे में भूस्खलन की 53 और अचानक बाढ़ की 41 घटनाएं देखी गई हैं। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी ने ट्वीट कर कहा- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इसको लेकर ऑरेंजअलर्ट जारी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 24 घंटे के दौरान 115.6 से 204.4 मिमी भारी से ज्यादा भारी बारिश होगी। इससे नदियों के जलस्तर में तेज बढोतरी की आशंका है। यह चेतावनी ऐसे वक्त में सामने आई है जब दिल्ली में यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में भी मध्यम बारिश की चेतावनी है। इससे राष्ट्रीय राजधानी में भी हालात खराब हो सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर इन जिलों में मध्यम से उच्च जोखिम का अलर्ट जारी कर दिया गया है। आईएमडी की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया कि अगले 24 घंटे के दौरान तक चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला और कुल्लू जिलों के कुछ जलक्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अचानक तेज बहाव से बाढ़ आने का खतरा है।
इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुसीबत की इस घड़ी में राहत और बचाव कार्यों में सूबे के आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म Aapda Rahat Kosh-2023 वेबसाइट की शुरुआत की। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस वेबसाइट (Aapda Rahat Kosh-2023) के जरिए दानदाता डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, क्यूआर कोड और यूपीआई जैसे तरीकों से दान कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भयावह त्रासदी है। लोगों ने देश-विदेश से आपदा से जूझ रहे लोगों की मदद की इच्छा व्यक्त की थी जिसके बाद सरकार ने यह पहल की है। दानकर्ता को मोबाइल डिवाइस पर रसीद भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने और मेरे कैबिनेट सहयोगियों, सभी कांग्रेस विधायकों ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है।
सीएम ने इसे 50 वर्षों की सबसे भयावह आपदा करार दिया। इस बीच केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 13 टीमें तैनात की हैं। यही नहीं केंद्र सरकार ने 400 करोड़ रुपये की धनराशि भी मंजूर की है। इसके अलावा वायुसेना के 2 एमआई 17वी हेलीकॉप्टर लगातार बचाव कार्यों में लगे हैं।
इस बीच सूबे के कुल्लू जिले में सोमवार तड़के बादल फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए। हादसा कुल्लू के कायास गांव के पास तड़के करीब तीन बजकर 55 मिनट पर हुआ। बताया जाता है कि तेज बहाव में कई वाहन बह गए और सड़क अवरुद्ध हो गई। घायल तीन लोगों में से दो की हालत नाजुक है। मालूम हो कि हिमाचल प्रदेश में 24 जून से बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क हादसों में 118 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 4,415 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।