Himachal Weather: कुल्लू में दो जगह फिर फटे बादल, युवक की मौत, मंडी में भी मिला शव, 21 जुलाई तक येलो अलर्ट
प्रदेश के कुल्लू जिले में दो जगह फिर बादल फटे हैं। खराहल में सोमवार सुबह करीब तीन बजे काईस कोटा और जुआणी के पीछे पहाड़ी में बादल फटने से नालों में बाढ़ आ गई। घटना के वक्त लोग गहरी नींद में थे।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में दो जगह फिर बादल फटे हैं। खराहल में सोमवार सुबह करीब तीन बजे काईस कोटा और जुआणी के पीछे पहाड़ी में बादल फटने से नालों में बाढ़ आ गई। घटना के वक्त लोग गहरी नींद में थे। पानी की आवाज सुनकर लोग जागे और जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। काईस में नाले में बाढ़ से सड़क किनारे खड़ी बोलरो बह गई। इसमें चार लोग थे। बाढ़ बोलेरो को काफी दूर तक बहा ले गई। इसमें बादल शर्मा (28) पुत्र गणेश शर्मा, गांव चंसारी, डाकघर बारीपधर की मौत हो गई। खेम चंद (53) और सुरेश शर्मा (38) घायल हो गए हैं। बोलेरो के चालक कपिल (31) भागकर जान बचाने में सफल रहे।
ये सभी काईस में शारनू मेले में हलवाई का काम करने गए हुए थे। घायलों का कुल्लू अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसके अलावा काईस में छह गाड़ियां, तीन दोपहिया वाहन जबकि जुआणी नाले में बाढ़ से न्योली में तीन गाड़ियां, एक ट्रैक्टर, पांच दोपहिया वाहनों को नुकसान हुआ है। न्योली में दो दुकानों सहित एक चादरनुमा मकान भी बह गया है। मकान में पति-पत्नी अपने बच्चे के साथ रहते थे। हाई स्कूल न्योली की पहली मंजिल में मलबा भर गया है। दरवाजे टूट गए हैं। किचन का सारा सामान बह गया है। शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया है। बाउंड्री वॉल भी टूट गई है। पंचायत के विकास कार्यों के लिए लाई गई बजरी-रेत के साथ क्रेटवॉल बाढ़ में बह गई। थरमाण संपर्क सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
गाहर पंचायत के प्रधान रोहित वत्स ने कहा कि सूचना मिलते ही प्रभावितों की मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए थे। डीएसपी राजेश ठाकुर ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद मृतक युवक का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, मंडी जिला की सुकेती खड्ड में 40 साल के व्यक्ति का शव मिला है। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर कसाकड़ा स्थित न्यू बस स्टैंड के पास हाईवे का 80 मीटर हिस्सा सोमवार सबुह 6:30 बजे रावी नदी में समा गया है। भूस्खलन के चलते मंडी-कुल्लू एनएच सात मील के पास बंद हो गया है। इसमें मलबे और पत्थरों के चपेट में आने से मजदूरों का चोटें आई हैं और जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई है।
प्रदेश में 21 जुलाई तक येलो अलर्ट
प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में 21 जुलाई तक बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में अंधड़ चलने की चेतावनी भी जारी हुई है। सोमवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। धर्मशाला और मंडी में कुछ देर बादल बरसे। अन्य क्षेत्रों में बूंदाबांदी ही हुई।
720 सड़कें, 434 पानी की योजनाएं अब भी ठप
बारिश से हुई तबाही के चलते अभी भी हिमाचल प्रदेश में 720 सड़कें और पानी की 434 योजनाएं ठप हैं। 850 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद हैं।
