Himachal Weather: कम नहीं हुईं दुश्वारियां, दो और शव मिले, शिमला-चंडीगढ़ राजमार्ग दो घंटे के लिए बंद
प्रदेश में बुधवार शाम तक 1,189 सड़कें, 3,200 जलापूर्ति योजनाएं और 1,128 यातायात रूट प्रभावित रहे, जबकि 91 मकान ढह गए व 261 क्षतिग्रस्त हो गए।
हिमाचल प्रदेश में बारिश थमने दूसरे दिन भी दुश्वारियां कम नहीं हुईं। बुधवार को भी ब्यास नदी में दो और लोगों के शव बरामद किए गए। इनकी अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है। अब तक ब्यास से 11 शव मिल चुके हैं। वहीं, कुल्लू की लगघाटी के दोघरी गांव में खेतों में घास काटने गई शेंपो देवी (55) पत्नी केसर सिंह की मलबे में दबने से मौत हो गई। उधर, रामपुर की फूंजा पंचायत में एक व्यक्ति खड्ड में बह गया, जिसका कोई सुराग नहीं लगा। वहीं, रामपुर से करीब सात किलोमीटर दूर न्यू नोगली में एक ऑल्टो कार (एचपी 06बी 0469) सतलुज नदी में जा गिरी। इस हादसे में कार सहित चार लोग लापता हो गए। पुलिस ने लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया है।
पेयजल की 3,737 योजनाएं, 153 ट्रांसफार्मर ठप, शिमला में सेना से पीने का पानी मांगने की नौबत
प्रदेश में पेयजल की 3,737 स्कीमें प्रभावित हुई हैं। इनमें धर्मशाला में 311, चंबा में 553, नूरपुर में 129, सुंदरनगर में 475, कुल्लू में 193, लाहौल-स्पीति में 38, हमीरपुर में 153, बिलासपुर में 84, ऊना में 257, धर्मपुर में 111, शिमला-9 में 479, रोहड़ू में 261, रिकांगपिओ में 107, नाहन में 292 और सोलन में 294 हैं। इसी तरह से 994 सिंचाई योजनाएं ठप हैं। सीवरेज की 50 योजनाओं पर बुरा असर पड़ा है। बुधवार तक जलापूर्ति की 2,800 योजनाओं को रिस्टोर करने का दावा किया गया है। राज्य भर में बिजली के 152 ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हैं। इससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट के हालात रहे। उधर, राजधानी शिमला में भी पेयजल की कमी की समस्या विकराल हो गई है। इसके लिए सेना से भी पानी मांगने की नौबत आ गई है।
धौलाकुआं में छह झुग्गियां बहीं
धौलाकुआं में सुद्दोंवाला खड्ड के पानी का रुख मुड़ने से दो दर्जन झुग्गियों में पानी घुस गया, जिनमें छह झुग्गियां बह गईं। चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के तहत आते दो पेट्रोल पंपों में तेल खत्म हो गया। चार दिन से चंबा-तीसा मार्ग बंद होने से तेल के टैंकर क्षेत्र में नहीं पहुंच पाए। लाहौल के कोकसर के होम स्टे, विश्राम गृह आदि में रुके 100 से अधिक सैलानियों को मनाली भेजा गया है। बीआरओ ने 8 जुलाई से पागलनाला और तेलिंग नाला के बीच फंसे करीब 250 तेल के खाली टैंकरों सहित 300 वाहनों को निकाल लिया है। अटल टनल से लेकर मनाली-रायसन-कुल्लू-मंडी वाया कंडी कटौला वैकल्पिक सड़क बहाल की गई है।
हिमाचल को वायु सेना से दूसरा हेलीकॉप्टर मिला
हिमाचल प्रदेश को वायु सेना से दूसरा हेलीकॉप्टर मिल गया है। इससे राज्य में भारी बारिश के बाद बचाव और राहत कार्यों को और गति मिलेगी। अभी तक वायु सेना का एक ही हेलीकॉप्टर प्रदेश में राहत कार्यों में लगा था। एक अन्य हेलीकॉप्टर सेना से लिया था। उसे लौटा दिया गया है। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा ने इसकी पुष्टि की है कि प्रदेश को वायु सेना से दूसरा हेलीकॉप्टर मिल गया है।
कुंजम और चंद्रताल में बर्फबारी
कुंजम और चंद्रताल में बर्फबारी हुई है। चंद्रताल में अभी भी 300 पर्यटक फंसे हुए हैं। इन्हें अभी निकाला नहीं जा सका है। प्रशासन ने छह सदस्यीय टीम भेजी है।
अमरनाथ यात्रा पर गए सतौन के 16 श्रद्धालु सरचू में फंसे
सतौन से अमरनाथ यात्रा पर गए 16 श्रद्धालुओं का दल पिछले पांच दिनों से लद्धाख के सरचू में फंसा है। श्रद्धालु वहां एक किराये के टीन शेड में रह रहे हैं। बुधवार को उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने उनसे बात कर हाल जाना और जल्द वहां से निकालने का आश्वासन दिया। सतौन से 16 लोगों का एक दल 30 जून को अमरनाथ यात्रा पर निकला था। यात्री देवेंद्र कुमार, पंकज अग्रवाल, गुरदत्त सिंह, दलीप सिंह, पिंकू सिंह, लाल सिंह ने फोन बताया कि वह चार जुलाई को अमरनाथ में बाबा बर्फानी के दर्शन कर बालटाल पहुंचे थे, पांच जुलाई को बालटाल से वापसी रवाना हुए तो सूचना मिली कि बनिहाल में सड़क बंद है और खुलने में कई दिन लगेंगे।
धनछौ में फंसे 81 लोगों को सुरक्षित निकाल पहुंचाया हड़सर
पवित्र मणिमहेश यात्रा पर निकले 81 लोगों को धनछौ से सुरक्षित निकाल कर हड़सर पहुंचा दिया गया है। सुरक्षित निकाले गए यात्रियों में हिमाचल, पंजाब,असम, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के लोग शामिल हैं। रेस्क्यू अभियान भरमौर प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्थानीय गाइड की मदद से चलाया। यात्रियों को हड़सर तक सुरक्षित पहुंचाने के बाद इनके ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई है। बता दें कि आधिकारिक तौर पर यात्रा शुरू होने से पहले ही कुछ लोग पवित्र मणिमहेश यात्रा करने के लिए पहुंच रहे हैं।
प्रशासन की एडवाइजरी और गाइडलाइन को दरकिनार कर आगे बढ़ रहे यात्री खराब मौसम के चलते मणिमहेश ट्रैक पर फंसकर जान जोखिम में डाल रहे हैं। इसी क्रम में भारी बारिश के चलते रविवार को 81 लोग गौरीकुुंड से लौटते वक्त धनछौ के पास फंस गए थे। उन्होंने बचाव के लिए नाले के एक छोर पर पहाड़ी के नीचे शरण ली। सूचना मिलने के बाद भरमौर प्रशासन ने विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम का गठन कर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। धनछौ में फंसे 81 लोगों में हिमाचल और पंजाब के 10-10, असम और हरियाणा के एक-एक, जम्मू-कश्मीर के 2, पश्चिम बंगाल के 6, उत्तर प्रदेश के 3 और महाराष्ट्र के 8 लोग शामिल हैं। उपायुक्त चंबा अपूर्व देवगन ने बताया कि धनछौ में फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
हनुमान टिब्बा फतह करने गए दो पर्वतारोही लापता
मनाली की हनुमान टिब्बा चोटी फतह करने निकले पर्वतारोहियों के दल के दो सदस्य लापता हो गए हैं। मनाली के जगतसुख निवासी पर्वतारोही जोनू और रवि की तलाश के लिए वीरवार को रेस्क्यू दल जगतसुख से रवाना होगा। पर्वतारोही देवकी नंदन इस दल का नेतृत्व करेंगे। 10 जुलाई को हनुमान टिब्बा के अंतिम बेस कैंप टेंटु गली में हिमस्खलन के कारण दोनों लापता हुए हैं। उनके साथ गए विशाल और एक अन्य पर्वतारोही ने इसकी सूचना प्रशासन को दी।
शिमला-चंडीगढ़ राजमार्ग दो घंटे के लिए बंद
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि शिमला-चंडीगढ़ नेशनल राजमार्ग 5 को चक्कीमोड़ पर एक समय में एक तरफ से जाता है। भारी ट्रकों और बसों को छोड़कर सभी आउटबाउंड-इनबाउंड यातायात की सुविधा दी जा रही है। ताकि किसी भी तरफ यातायात का कोई बड़ा बैकलॉग न हो रात 9 बजे मरम्मत कार्य के लिए राजमार्ग को 2 घंटे के लिए बंद कर दिया जाएगा।