सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़क बहाली को प्राथमिकता दें अफसर, मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए निर्देश
सोमवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारी बारिश और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को सेब उत्पादक क्षेत्रों की सड़कें बहाल करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने भारी बारिश और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित सड़कों की शीघ्र बहाली के लिए 23 करोड़ रुपये और स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि में से पांच करोड़ यशवंत नगर-छैला सड़क की मरम्मत पर खर्च होंगे।
इसके अलावा शिमला जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग के सात मंडलों में प्रत्येक को सड़कों की मरम्मत और बहाली के लिए एक-एक करोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिले के चार विकास खंड, सिरमौर के शिलाई और राजगढ़ को भी एक-एक करोड़ दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अग्रिम भुगतान के साथ लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों की ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ करने को कहा साथ ही कहा कि जल शक्ति विभाग को भी इस प्रक्रिया का अनुसरण करना चाहिए।
उन्होंने निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत में बढ़ोतरी की प्रथा को रोकने के लिए अधिकारियों को क्लॉज 10 सीसी हटाने के भी निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक चंद्रशेखर, चैतन्य शर्मा, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग भरत खेड़ा, सचिव वित्त अक्षय सूद, उपायुक्त आदित्य नेगी, प्रमुख अभियंता अजय गुप्ता मौजूद रहे।
जुब्बल-कोटखाई चौपाल का दौरा करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही वह चौपाल और जुब्बल-कोटखाई का दौरा करेंगे और सड़क बहाली और मरम्मत कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार धन की कोई कमी नहीं आने देगी।
सरकार ने बागवानों को भगवान भरोसे छोड़ा: नंदा
भाजपा के मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर उल्टा चोर कोतवाल को डांटे कहावत चरितार्थ हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सेब बागवान एक के बाद एक नई परेशानी झेल रहा है। पहले कार्टन कैसा होना चाहिए, कितना सेब डलना चाहिए, कितने के दाम मिलने चाहिए। इस झगड़े में पूरी सुखविंद्र सरकार उलझी हुई है और बागवान को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। कर्ण नंदा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा आई तो सड़कें टूट गईं। उनको ठीक करने वाला कोई नहीं है। बागवान ने सेब तोड़ लिए और रास्ते नहीं खुले।
कई बागवानों ने अपनी मशीनें लगाकर थोड़े बहुत रास्ते खोले और सड़कें उपलब्ध करवाने में सरकार पूरी तरह विफल हुई। इस मजबूरी में कई बागवानों ने सेब खड्डों में फेंक दिया और किसी शुभचिंतक ने एक-आध जगह में खड्डों में डाले सेब का वीडियो बना ली। बागवान तो दुखी था ही और यह वीडियो वायरल हो गई तो अब सरकारी मशीनरी दादागिरी पर उतर आई। थाना, कचहरी शुरू हो गया। इससे किसान का सेब और नकदी फसलें मंडियों तक कैसे पहुंच सकेंगी। सामान्य किसान को थाने बुलाकर उसे धमकाना बंद करें।
