Himachal Floods: ‘बचकाना बयान, सहमत नहीं…’, कुल्लू-मनाली में तबाही पर सुक्खू सरकार के 2 मंत्री आमने सामने
Himachal Flood: मनाली से मंडी तक ब्यास नदी के किनारे बने फोरलेन को काफी नुकसान पहुंचा है. रायसन के पास एक जगह 100 मीटर तक जगह बह गई है. लगातार राहत और बचाव का काम चल रहा है. कुल्लू से नग्गर सड़क को बहाल किया गया है. लेफ्ट बैंक से मनाली से कुल्लू जुड़ गया है.
शिमला. हिमाचल प्रदेश में मनाली से मंडी तक ब्यास नदी (Beas River) के पानी ने जमकर तबाही मचाही है. लेकिन ब्यास नदी में बाढ़ (Himachal Flood) के बाद हुई तबाही के पीछे के कारणों को लेकर सुक्खू कैबिनेट के दो मंत्री आमने सामने हो गए हैं. एक मंत्री ने दूसरे मंत्री के ब्यान को बचकाना करार दिया है. फिलहाल, कांग्रेसी नेताओं की बयानबाजी से सरकार में अनबन और खींचतान की बातों की पुष्टि होती है.
दरअसल, चंद रोज पहले सुक्खू कैबिनेट में पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह कुल्लू और मनाली दौरे पर पहुंचे थे. उन्होंने यहां पर बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया. ब्यास नदी के पानी की वजह से चंडीगढ़ मनाली हाईवे के अलावा, पुल और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है. विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ब्यास नदी में अवैध माइनिंग की वजह से यह नुकसान हुआ है और वह सीएम के साथ इस बारे में बातचीत करेंगे और एक्शन की मांग करेंगे. लेकिन उनके इस बयान की सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने हवा निकाल दी.
कैबिनेट मंत्री विक्रम आदित्य के बयान पर मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि ये त्रासदी इलीगल माइनिंग की वजह से नहीं हुई है. ये बयान गलत है. ब्यास के किनारे कोई माइनिंग नहीं है. उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य के बयान से सहमत नहीं हैं और उनका बयान बचकाना है. मंत्री चाहौन ने विक्रमादित्य सिंह से पूछा कि क्या मंडी और थुनाग में भी इलीगल माइनिंग से तबाही हुई है. ऐसा नहीं है. कुछ जगह माइनिंग हो सकती है और पुलिस का काम उस चीज को चेक करना है. लेकिन उनका (विक्रमादित्य सिंह) बयान बचकाना है और मैं उससे सहमत नहीं हूं. भारी बारिश की वजह से ब्यास के किनारों पर तबाही हुई है. हैवी रेनफॉल हुआ है.