Shimla: बाहरी राज्यों से हिमाचल में सामान लाने पर जीएसटी लगाने की तैयारी, मंत्री ने केंद्र से उठाया मामला
प्रदेश सरकार बाहरी राज्यों से हिमाचल सामान लाने पर जीएसटी लगाने की तैयारी में है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह मामला जीएसटी काउंसिल की बैठक में उठाया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार बाहरी राज्यों से हिमाचल सामान लाने पर जीएसटी लगाने की तैयारी में है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह मामला जीएसटी काउंसिल की बैठक में उठाया है। 50 हजार से ज्यादा सामान लाने पर यह जीएसटी लगेगा। इससे जीएसटी 50 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ होगा। बाहरी राज्यों के सामान लाए जाने के बिल पर डेस्टिनेशन स्टेट लिखा जाएगा। काउंसिल की लॉ कमेटी ने इस बात को माना है। उन्होंने कहा कि सेब और अन्य फलों के कार्टन बाक्स पर 18 फीसदी जीएसटी का मामला भी उठाया गया। इसे भी पहले की तरह 12 फीसदी लिए जाने की बात कही गई। महाराष्ट्र और जम्मू के मंत्री ने भी इसे स्पोर्ट किया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने दोबारा से इस मामले को फिटमैन कमेटी को भेजने और पुर्नाविचार करने का आश्वासन दिया। उद्योगमंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने यह बात सचिवालय में पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से हिमाचल के लिए बहुत सामान आता है। इसमें भवन निर्माण से लेकर अन्य सामान शामिल है। उन्होंने कहा कि मूसलाधार बारिश ने हिमाचल में तबाही मचाई है। सड़कें ढह गई हैं। पुल टूटे हैं। इससे बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ में सामग्री लाने और ले जाने में दिक्कतें पेश आई है। इन सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चला है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान बचकाना
शिमला। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के उस बयान पर कड़ा एतराज जताया है जिसमें उन्होंने कहा कि रॉयल्टी मांग रहा हिमाचल अपना पानी रोक लेने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल त्रासदी से गुजर रहा है। इस तरह का बयान देने उन्हें शोभा नहीं देता है। पानी ऊपर से नहीं नीचे ही जाएगा। हिमाचल सरकार अपना हक मांग रही है। ऐसे समय में ऐसी बात करना जिम्मेवार व्यक्ति को शोभा नहीं देता है। बारिश का पानी बह गया, उसमें हिमाचल का क्या कसूूर है। रॉयल्टी की बात की लड़ाई खत्म नहीं हुई है।