हिमाचल सरकार ने रेट अप्रूव किए नहीं:और MIS के तहत सेब खरीद के तहत दिए आदेश; बागवानों को देना पड़ेगा एफेडेविड, इससे बढ़ेगी परेशानी
हिमाचल के सेब बागवान पहले ही मुसीबत में है। सुक्खू सरकार ने एक और परेशानी उन पर डाल दी है। दरअसल, सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत निम्न क्वालिटी सेब की खरीद आज से शुरू करने का निर्णय है। मगर, अब तक सरकार ने MIS के रेट तय नहीं किए।
इसलिए बागवानों पर नई अंडर टेकिंग की नई शर्त थोपी गई है। बागवानों को एफेडेविड देकर बताना होगा कि सरकार MIS के तहत सेब के जो भी रेट तय करेगी, बागवान उस रेट के हिसाब से सेब की पेमेंट को तैयार है। जाहिर है कि अब बागवानों को एफेडेविड बनाने के लिए अब तहसील दफ्तर के चक्कर काटने पड़ेंगे।
हैरानी इस बात की है कि बागवानी विभाग ने सरकार ने एक महीने पहले ही MIS के रेट तय करने का प्रस्ताव भेज रखा था। इसके रेट कैबिनेट से अप्रूव होने थे। 25 जुलाई को कैबिनेट मीटिंग भी हुई। मगर, MIS के रेट अप्रूव नहीं किए गए। C ग्रेड सेब नालों में फेंकने का इसे भी बढ़ा कारण माना जा रहा है।
MIS के तहत सेब खरीद को पहले चरण में यहां-यहां खोले गए कलेक्शन सेंटर....
सरकार के निर्देशों पर HPMC ने प्रथम चरण में कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 51 जगह सेब खरीद केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इनमें आज से सेब की खरीद शुरू हो जाएगी। जैसे जैसे सीजन सीजन ऊंचे क्षेत्रों में शुरू होगा, वहां भी सेब खरीद के लिए HPMC और हिमफेड अपने खरीद केंद्र स्थापित करेगा।
MIS के रेट तय नहीं करना सरकार की नालायकी: चौहान
संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि एक महीने पहले सेब सीजन शुरू हो गया है और सरकार अब तक MIS के रेट तय नहीं कर पाई। यह सरकार की नालायकी है। बागवान पहले ही परेशान है और अब उन पर एफेडेविड की शर्त लगाकर और परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अमूमन MIS के रेट 15 जुलाई तक तय कर दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि बागवान एफेडेविड के लिए तहसील ऑफिस जाएंगे और पूरा स्टाफ इन दिनों भारी बारिश से हुई तबाही के आकलन के लिए फील्ड में है। इससे बागवानों को एफेडेविड के लिए कई कई चक्कर तहसील ऑफिस के काटने पड़ेगे।
गला-सड़ा सेब नहीं लेगा HPMC: मोक्टा
HPMC के MD सुदेश कुमार मोक्टा ने बताया कि 31 जुलाई से MIS के सेब की खरीद शुरू होगी। इसे लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए है। रेट जो भी सरकार तय करेगी, उस हिसाब से बागवानों से MIS के तहत सेब खरीदा जाएगा। गला-सड़ा, पेड़ से गिरा हुआ, स्कैब ग्रस्त व ईथरल स्प्रे किया हुआ, 51 मिलीमीटर से कम आकार का सेब नहीं खरीदा जाएगा।
बागवानों को देने होंगे एफेडेविड: नेगी
हिमफेड के MD ज्ञान सागर नेगी ने बताया कि सेब के रेट अभी तय नहीं किए गए। इसलिए बागवानों को एफेडेविड देने होंगे। उन्होंने बताया कि हिमफेड भी जल्द अपने कलेक्शन सेंटर खोलकर सेब की खरीद शुरू करेगा।