चंडीगढ़-शिमला फोरलेन चौथे दिन भी बंद:अल्टरनेटिव सड़कों से चल रहा ट्रैफिक, फूड आइटम की सप्लाई पर असर; धंसा है 40 मीटर हिस्सा
चंडीगढ़-शिमला फोरलेन सोलन के चक्की मोड़ के पास चार दिन से बंद पड़ा है। प्रदेशवासियों और दूसरे राज्यों के हिमाचल आने-जाने वाले लोगों को इससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब ट्रैफिक को वैकल्पिक सड़कों से चलाया जा रहा है।
सोलन के चक्की मोड़ के पास एक जुलाई की रात तीन बजे फोरलेन का 40 मीटर से ज्यादा हिस्सा टूट गया था। तब से ही हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। मौके पर पैदल चलने लायक भी जगह नहीं बची।
दो जुलाई को जेसीबी से कटिंग करके दोपहर के वक्त सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया था, लेकिन शाम के वक्त सड़क का शेष हिस्सा भी टूट गया। इससे सड़क के जल्द बहाल होने की उम्मीद भी नहीं बची और चारों लैन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
नाहन होते हुए भेजे जा रहें हैवी व्हीकल
पुलिस ने जनता से वैकल्पिक सड़कों का इस्तेमाल करने की एडवाइजरी जारी की है। शिमला व सोलन से चंडीगढ़ की और जाने वाले हैवी व्हीकल कुमारहट्टी-नाहन-कालाअंब होते हुए चंडीगढ़ भेजे जा रहे हैं।
इस रूट से भेजे जा रहे लाइट मोटर व्हीकल
वहीं लाइट मोटर व्हीकल सोलन-धर्मपुर-कसौली-परवाणू होते हुए तथा लोअर हिमाचल से शिमला आने वाले बिलासपुर से नौणी या फिर बिलासपुर-नौणी-स्वारघाट-रोपड़ चंडीगढ़ होते हुए आज जा सकते हैं।
दूध-दही ब्रेड की सप्लाई पर असर
चक्की मोड़ के पास फोरलेन बंद होने से सोलन, शिमला, किन्नौर और कुल्लू जिले के आनी आदि क्षेत्रों में चार दिन से दैनिक उपभोग की खाद्य वस्तुएं दूध, दही, ब्रेड, मक्खन की सप्लाई भी समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। सेब ढुलाई में लगे हैवी व्हीकल को सबसे ज्यादा परेशान हो रही है। इन्हें बेहद लंबे रूट से भेजा जा रहा है।
68KM के बजाय 170KM करना पड़ रहा सफर
सोलन से चंडीगढ़ की दूरी 68 किलोमीटर है, जबकि नाहन वाले अल्टरनेटिव रूट से चंडीगढ़ पहुंचने के लिए लगभग 170 किलोमीटर सफर तय करना पड़ रहा है। इसी तरह छोटे वाहनों को भी लगभग 15 किलोमीटर एक्स्ट्रा सफर करना पड़ रहा है।
