हिमाचल-उत्तराखंड के बाद UP में बाढ़ का कहर बढ़ा, 18 जिलों के 660 गांव प्रभावित
गंगा नदी बुलंदशहर बदायूं फर्रुखाबाद व कानपुर देहात रामगंगा नदी शाहजहांपुर और घाघरा अयोध्या व बलिया में खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। वर्षा से प्रभावित जिलों में बाढ़ से बचाव और राहत के लिए एनडीआरएफ की एक तथा एसडीआरएफ व पीएसी की पांच-पांच टीमें कार्यरत हैं। प्रदेश में अब तक 1083 बाढ़ शरणालय स्थापित किये गए हैं।
बीते दो दिनों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हुई वर्षा से बाढ़ का कहर बढ़ गया है। राज्य के 18 जिलों की 40 तहसीलों के 660 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें से 30 गांवों में जलभराव से सिर्फ आबादी प्रभावित है जबकि 233 गांवों में आबादी और खेती दोनों प्रभावित है। बाढ़ से प्रदेश में 2,01,332 लोग प्रभावित हैं। गौरतलब है कि बीती 10 अगस्त को आठ जिलों के 174 गांव बाढ़ से प्रभावित थे।
बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव मुजफ्फरनगर जिले में
राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव मुजफ्फरनगर जिले में है। यहां के 187 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बिजनौर के 111 और फर्रुखाबाद के 81 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनके अलावा अमरोहा के 45, मेरठ के 40, खीरी के 32, कासगंज के 31, बदायूं व बाराबंकी के 27-27, गोंडा के 24, उन्नाव के 22, बस्ती के 10, शाहजहांपुर के नौ, आजमगढ़ व सीतापुर के चार-चार, मऊ के तीन, अयोध्या के दो तथा कुशीनगर का एक गांव बाढ़ से प्रभावित है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश में 4.4 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई है जो सामान्य वर्षा 8.2 मिलीमीटर के सापेक्ष 54 प्रतिशत है। बांदा और चित्रकूट में 30 मिलीमीटर या उससे अधिक वर्षा दर्ज हुई है।
गंगा नदी बुलंदशहर, बदायूं, फर्रुखाबाद व कानपुर देहात, रामगंगा नदी शाहजहांपुर और घाघरा अयोध्या व बलिया में खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। वर्षा से प्रभावित जिलों में बाढ़ से बचाव और राहत के लिए एनडीआरएफ की एक तथा एसडीआरएफ व पीएसी की पांच-पांच टीमें कार्यरत हैं। प्रदेश में अब तक 1083 बाढ़ शरणालय स्थापित किये गए हैं।
