हिमाचल में भारी बारिश से भीषण तबाही:शिमला में नॉर्मल से 102% और सोलन में 111% ज्यादा बरसे बादल; प्रदेश में 41% ज्यादा बरसात
हिमाचल प्रदेश में इस बार की मानसून में सदी की सबसे भीषण तबाही हुई है। इसका कारण नॉर्मल से काफी ज्यादा बारिश का होना है। वह भी कुछ घंटे के भीतर। मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून को मॉनसून की एंट्री के बाद से 25 अगस्त के बीच 577.9 मिलीमीटर (MM) नॉर्मल बारिश होनी चाहिए। मगर, इस बार 813.4 MM बरसात हो चुकी है, जो नॉर्मल से 41 प्रतिशत ज्यादा है।
सोलन जिले में नॉर्मल से 111 प्रतिशत ज्यादा यानी दोगुणा से भी ज्यादा बरसात हुई है। इस अवधि में सोलन में 686 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, लेकिन इस बार 1444.5 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसी वजह से जिले में रिकॉर्डतोड़ नुकसान हुआ है।
शिमला जिले में भी नॉर्मल से 102 प्रतिशत ज्यादा बरसात हो गई। 489.6 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश के मुकाबले इस बार 987.5 मिलीमीटर मेघ शिमला जिले में भयंकर तबाही लाए है। मंडी जिले में भी नॉर्मल से 68 फीसदी ज्यादा, बिलासपुर में 88 प्रतिशत, चंबा में 19 प्रतिशत, हमीरपुर में 64 प्रतिशत, कांगड़ा में 19 प्रतिशत, किन्नौर में 49 प्रतिशत, सिरमौर में 66 प्रतिशत और ऊना जिले में नॉर्मल से 10 प्रतिशत ज्यादा बरसात हो चुकी है।
लाहौल स्पीति हिमचाल प्रदेश का इकलौता ऐसा जिला है जहां नॉर्मल से 24 प्रतिशत कम बरसात हुई है।
कांगड़ा जिले में 1570 MM बरसात
कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 1570 MM, मंडी में 1518.5 MM, हमीरपुर में 1290.5 MM, बिलासपुर में 1199.4 MM, चंबा में 809.7 MM, किन्नर में 257.9 MM, कुल्लू में 731.5 MM, मंडी में 1518.5 MM, शिमला में 987.5 MM, सोलन में 1444.5 MM और ऊना जिले में 825 MM बारिश हुई है।
आज से कमजोर पड़ेगा मानसून
हिमाचल में मानसून आज से कमजोर पड़ेगा। अब तक की बारिश से पहाड़ों पर हर ओर तबाही मची हुई है। अच्छी बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश से राहत मिलने के आसार है। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में ही बारिश होने का पूर्वानुमान है। ज्यादातर भागों में धूप खिलेगी या आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे।
मानसून सीजन में 372 की मौत, 8468 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में अब तक की बरसात में 8468 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह हो गई है। मानसून सीजन के दौरान 372 लोगों की जान जा चुकी है। भारी बारिश के कारण 729 सड़कें बंद पड़ी है। इससे लोगों का जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदेशभर 950 से ज्यादा रूटों पर परिवहन सेवाएं ठप्प पड़ी हुई है।
