मैदानों और खुली जगहों पर चलाएं पटाखे, प्रदेश अग्निशमन विभाग ने दीपावली पर्व को लेकर जारी की एडवाइजरी

मैदानों और खुली जगहों पर चलाएं पटाखे, प्रदेश अग्निशमन विभाग ने दीपावली पर्व को लेकर जारी की एडवाइजरी

दिवाली पर्व पर आतिशबाजी और पटाखों से सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। दिवाली के दौरान आगजनी की घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे जन व धन के भारी नुकसान होने का अंदेशा बना रहता है। इस पर्व पर आग की ज्यादातर घटनाएं लापरवाही के कारण होती हैं। यदि सावधानियां बरती जाएं, तो इन दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कई बार बिना सावधानी बरते आतिशबाजियों के अंधाधुंध उपयोग से खुशी का यह अवसर मातम में तब्दील हो जाता है। कुछ सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय इस प्रकार की दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। दिवाली के अवसर पर अग्निशमन विभाग द्वारा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने हेतु प्रदेश में 241 अग्निशमन वाहन तथा 739 अग्निशमन अधिकारी, कर्मचारी व 883 गृहरक्षक तैनात किए गए हैं।
अग्निशमन विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में आतिशबाजी के प्रयोग संबंधी कुछ सावधानियां बताई गई हैं। अग्निशमन विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश कुमार शर्मा ने बताया कि आतिशबाजी पैकट पर लिखे अग्नि सुरक्षा निर्देशों और सावधानियों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। इसके अलावा आतिशबाजी चलाते समय हमेशा पानी और रेत की बाल्टी तैयार रखें। बाजू दूर करके आतिशबाजी को जलाएं और अपना चेहरा उससे दूर रखें। इसके अलावा जलते हुए पटाखों का प्रवेश रोकने के लिए अपने घर की खिड़कियों और दरवाजों को ठीक से बंद करें। केवल मानक आतिशबाजियों का ही प्रयोग करें। बच्चों को बड़ों की देखरेख में ही आतिशबाजी चलाना चाहिए। खुले मैदानों और खुली जगहों पर आतिशबाजी चलाना सुरक्षित होता है। आतिशबाजी चलाते समय चुस्त रहें व सूती कपड़े पहनें। सुरक्षा के लिए जूते, चश्मा पहनें। पटाखे चलाते समय बुजुर्गों, बच्चों और व महिलाओं का ध्यान रखें। अगर, दुर्घटनावश जल जाएं, तो जब तक दर्द कम न हो जाए, ठंडा पानी डालते रहें और तुरंत डाक्टर की सलाह लें। (एचडीएम)

पटाखे चलाते समय क्या न करें

अग्निशमन विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में बताया है कि बच्चों को कभी भी बड़ों की अनुपस्थिति में आतिशबाजी न चलाने दें। जो आतिशबाजी न सुलगे, उसे फिर से जलाने की कोशिश न करें। इसके अलावा इमारतों के एकदम पास आतिशबाजी न चलाएं। इमारतों के आसपास कबाड़ या किसी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री एकत्र न होने दें। घर के भीतर पटाखे न छोड़ें। बच्चों को खतरनाक और तेज आवाज वाले पटाखों के पास न आने दें। पटाखों की दुकान के पास पटाखे न चलाएं। खराब पटाखों को फिर से न जलाएं या हाथ न लगाएं। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पटाखे न चलाएं। अनार तथा उडऩे वाले अन्य पटाखों को झुग्गी-झोपड़ी और भूसे के ढेरों के नजदीक न चलाएं।
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