हिमाचल-उत्तराखंड में क्यों हो रही तबाही वाली बारिश, क्या है इसकी वजह? अभी क्या स्थिति है, IMD ने सब बताया

हिमाचल-उत्तराखंड में क्यों हो रही तबाही वाली बारिश, क्या है इसकी वजह? अभी क्या स्थिति है, IMD ने सब बताया

हिमाचल और उत्तराखंड में आसमान से आफत बनकर बरस रही बारिश दो कारणों से हो रही है. पहली पश्चिमी विक्षोभ के चलते तो दूसरी वजह यह है कि मानसून ट्रफ की लोकेशन हिमालय की तलहटी में है और दक्षिणी-पश्चिमी अरब सागर की मानसूनी हवाएं हिमालय की तलहटी से टकरा रही हैं
हिमाचल-उत्तराखंड में क्यों हो रही तबाही वाली बारिश, क्या है इसकी वजह? अभी क्या स्थिति है, IMD ने सब बताया
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इन दिनों प्राकृतिक आपदा कहर ढा रही है. बारिश और भूस्खलन के चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है. दोनों पहाड़ी राज्यों में खूब बारिश हो रही है. हिमाचल प्रदेश के सोलन में बादल फटने और शिमला में शिव मंदिर के ढह जाने से 48 घंटे के भीतर कुल 21 लोगों की मौत हो चुकी है. मौसम कार्यालय में बताया है कि दोनों राज्यों में बारिश के लिए दो तंत्र काम कर रहे हैं. पहला पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और दूसरा मानसून ट्रफ की लोकेशन हिमालय की तलहटी में है और दक्षिणी-पश्चिमी अरब सागर की मानसूनी हवाएं हिमालय की तलहटी से टकरा रही हैं.

बता दें कि इन दोनों वजहों से ही खूब बारिश हो रही है, पश्चिमी विक्षोभ एक तूफान है, जो भूमध्य सागर में उत्पन्न होता है और भारतीय उपहमहाद्वीप के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश लाता है. आईएमडी का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कारण बनने वाली मॉनसून ट्रफ दक्षिण की ओर बढ़ रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को कहा कि मानसून ट्रफ, एक लम्बा कम दबाव वाला क्षेत्र है जो अपनी सामान्य स्थिति के उत्तर में है, जिससे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी वर्षा होती है, जो धीरे-धीरे दक्षिण की ओर बढ़ना शुरू हो गया है.

बीते मंगलवार को आईएमडी ने ट्वीट कर बताया है कि अगले दो दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश में और अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत में छिटपुट भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. साथ ही यह भी बताया कि 15 अगस्त से पूर्व और आसपास के मध्य भारत में वर्षा गतिविधि में धीरे-धीरे वृद्धि होगी. वहीं देश के बाकी हिस्सों में अगले 4-5 दिनों के दौरान हल्की बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है.

मौसम विभाग के महानिदेशक एम महापात्र ने कहा, ट्रफ रेखा अभी तक अपनी सामान्य स्थिति तक नहीं पहुंची है. उन्होंने कहा, “मानसून ट्रफ का एक हिस्सा मेरठ और दिल्ली के बीच है. इससे दिल्ली में बारिश हो रही है. स्काईमेट वेदर में जलवायु और मौसम विज्ञान के उपाध्यक्ष, महेश पलावत ने कहा, दिल्ली एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) और पूर्व-मध्य भारत में 1-2 दिनों तक हल्की बारिश होगी, लेकिन ट्रफ रेखा 20 अगस्त के आसपास फिर से उत्तर की ओर बढ़ेगी. इसके बाद, हम उत्तरी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फिर से भारी बारिश की उम्मीद कर सकते हैं.”
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