हिमाचल में थम नहीं रही तबाही, शिमला में फिर भूस्खलन, कई दबे, दो शव बरामद, अब तक 60 मौतें
हिमाचल में बारिश के कारण मची तबाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमला में एकबार फिर भूस्खलन हुआ है। इसमें कई लोगों के दबने की आशंका जताई जा रही है।
हिमाचल की राजधानी शिमला में तबाही का मंजर थम नहीं रहा है। बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन से जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। शहर के कृष्णा नगर से सटे लालपानी इलाके में मंगलवार शाम को हुए भूस्खलन से करीब पांच मकान धराशायी हो गए। इन मकानों का मलबा गिरने से स्लाटरहाउस भी ध्वस्त हो गया। स्लाटरहाउस का भवन गिरने से कई लोगों के दबने की आशंका है। मलबे से दो लोगों की लाश बरामद की गई है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मौके पर पहुंचे और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
बताया जाता है कि हादसा विशालकाय पेड़ गिरने से शुरू हुआ। सबसे पहले पेड़ मकानों पर गिरा। इसके बाद मकान एकदूसरे पर भरभराकर गिरते चलेग गए। हादसे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।एक व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है। कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्य जारी है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी कृष्णानगर इलाके में पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया- हादसे में 2 लोगों की मृत्यु हुई है। राज्य में अब तक कुल 60 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कल शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।
शिमला शहर में दो दिन में भूस्खलन की यह तीसरी घटना है। SP संजीव गांधी ने कहा- हमने 10-15 घरों को खाली कराया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। सोमवार को समरहिल के शिव बावड़ी मंदिर के भूस्खलन की चपेट में आने से 12 लोग मारे गए, जबकि कई मलबे में लापता हैं। इसी तरह फागली इलाके में भूस्खलन की घटना में पांच लोगों की मौत हुई है। शहर में लगातार हो रही भूस्खलन की घटनाओं से लोग सहमे हुए हैं। पिछले तीन दिन शिमला में हो रही भारी बारिश के कारण करीब 80 पेड़ों के धराशायी होने से कई मकानों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं में कम से कम 60 लोगों की मौत हुई है। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। राज्य में सोलन, शिमला, मंडी और हमीरपुर सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं। राहत और बचाव का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। चंडीगढ़-शिमला 4-लेन राजमार्ग के साथ-साथ अन्य मुख्य सड़कें खोल दी गई हैं।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा- मैंने कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से बात की। उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया है। मैंने जेपी नड्डा जी, खड़गे जी, राहुल गांधी जी और प्रियंका जी से भी बात की। स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला मौसम की स्थिति के आधार पर किया जाएगा। शिमला में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना का एक हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है।